दुनिया भर में कई पेंटर हैं, जो अपनी पेंटिंग के लिए मशहूर हैं। उनकी बनाई पेंटिंग खरीदने के लिए लोग करोड़ों खर्च करने को तैयार हो जाते हैं। ऐसी ही एक पेंटिंग इटली के पेंटर जियोवनी ब्रागोलिन द्वारा बनाई गई। ब्रागोलिन ने 'द क्राईंग ब्यॉय' नाम की यह पेंटिंग 1950 के दशक में बनाई थी। इस पेंटिंग को इतना पसंद किया गया कि उन्होंने इस पेंटिंग की एक पूरी सीरीज ही बना डाली।
पेंटिंग में रोते हुए बच्चे के दर्द को देखकर लोग इसके फैन हो गए। शुरुआत में तो सब ठीक रहा, लेकिन समय बीतने पर पेंटिंग को श्रापित माना जाने लगा। 1985 के आस-पास यह खबर फैल गई कि इस पेंटिंग को लगाने से घर में आग लग जाती है। पहले तो इसे भ्रम माना गया, लेकिन जब हादसे बढ़ने लगे, तो लोगों ने मान लिया कि जरुर कुछ गड़बड़ है।
फायरब्रिगेड के कर्मचारियों ने दावा किया कि जिन घरों में वह आग बुझाने गए, वहां यह पेंटिंग मौजूद थी। चौकाने वाली यह थी कि पूरा घर जलकर खाक हो गया था, लेकिन पेंटिंग सही-सलामत थी। देखते ही देखते यह खबर अखबारों की सुर्खियां बन गई। डर से लोगों ने इसे अपने घर में रखना बंद कर दिया। इसका खौफ इतना बढ़ गया कि 'हैलोवीन फेस्टिवल' के दौरान बोन फायर में लोगों ने बड़ी संख्या में इसकी कॉपियां जला दीं।
चौंकाने वाली बात यह थी कि पेंटिंग की कॉपियां जलाने के बाद हादसों में कमी आने लगी। लोगों का मानना था कि पेंटिंग में रोते हुए बच्चे के चेहरे के अंदर कोई बुरी शक्ति रहती है, जो घर में रहने वाले लोगों को परेशान करती है। वहीं कुछ लोगों का कहना था कि उन्होंने पेटिंग के अंदर रोते हुए बच्चे का असली चेहरा देखा है। इस पर कई टीवी सीरियल भी बन चुके हैं। दुनिया भर में इस पेंटिंग को सबसे श्रापित पेंटिंग माना जाता है।



