इतिहास के काले पन्नों में क्रूर और सनकी तानाशाहों का जिक्र है। जिन्होंने इंसानियत को झकझोर देने वाली हरकतें की। कुछ ने अपनी सनक से लोगों की जिंदगी को नरक में बदल दिया तो कुछ तानाशाह ऐसे थे जिन्होंने अपनी जिद्द के लिए लाखों लोगों की जान को आफत में डाल दिया। इतिहास के ऐसे ही कुछ सनकी तानाशाहों की कुछ अजीबो-गरीब आदतों के बारे में आज के इस पोस्ट में बताने जा रहे हैं।
कर्नल मुअम्मर गद्दाफी ने लीबिया पर कुल 42 सालों तक राज किया। किसी भी गल्फ कंट्री में इतने लंबे दिनों तक किसी ने भी राज नहीं किया। अपने शुरुआती के दिनों में गद्दाफी ने लीबिया के लिए बहुत अच्छे काम किए जिसकी वजह से उसे वहां की जनता ने काफी सपोर्ट किया। लेकिन कुछ ही दिनों के बाद गद्दाफी ने आतंकियों का साथ लेना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे गद्दाफी को हर विरोध करने वाली आवाज से ऐतराज होने लगा और वो विरोधियों को मारने लगा। गद्दाफी को खूबसूरत लड़कियों का इस कदर शौक था कि वो पूरे देश के स्कूल और कॉलेजों से कम उम्र की लड़कियों को किसी बहाने से अपने पास बुलाता था और उन्हें अपनी हवस का शिकार बनाता था। बंद कमरे में गद्दाफी जानवर बन जाता था। उसकी गिरफ्त से भागने में कामयाब हुई कुछ लड़कियों ने अपनी आपबीती में जो बताया उसे जानकर पूरी दुनिया की रूह कांप जाएगी। वो अपने सिक्योरिटी में भी लड़कियों को ही रखता था।
तुर्कमेनिस्तान के भूतपूर्व राष्ट्रपति सपरमुरात नियोजव खुद को ऐसे मानता था जैसे हॉलीवुड फिल्म 'डिक्टेटर' में दिखाया गया था। इसने अपना नाम तुर्कमैन बाशी रख लिया था। इस तानाशाह ने अपनी खुद की 15 मीटर ऊंची सोने की परत चढ़ी मूर्ति बनवा ली थी जिसका मुंह सूरज की तरफ घूमता रहता था। ये वो दौर था जब तुर्कमेनिस्तान भयंकर गरीबी की मार झेल रहा था लेकिन सपरमुरात को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। इस सिरफिरे तानाशाह ने अपनी राजधानी में एक बर्फ का महल बनवाया और रेत के रेगिस्तान के बीचो बीच एक झील बनाने का फरमान सुना दिया। सपरमुरात पूरे तुर्केमेनिस्तान को अपनी जागीर समझता था। पूरे देश में उसके नाम के पार्क, महल और शहर मिल जाएंगे। और तो और उसने सिक्कों पर अपने नाम गुदवा दिए। शराब की बोतलों को अपना नाम दे दिया। यहां तक की जनवरी महीने का नाम बदलकर भी अपने नाम पर कर दिया था। हद तो तब हो गई जब नियाजोव ने अपने नाम से एक किताब लिखी, उसके बच्चों को पढ़ना अनिवार्य कर दिया। और कुछ कॉपियां अंतरिक्ष में भी भेज दी ताकि अंतरिक्षवासियों को पता चले कि धरती पर सपरमुरात नियाजोव नाम का कोई महान शख्स रहता है।
युगांडा का तानाशाह इदी आमी को क्रूर तानाशाह के रूप में याद किया जाता है। इस शख्स ने अपने पूरे शासनकाल में 6 लाख लोगों को मौत के घाट उतार दिया। ये शख्स इतना क्रूर था कि ये इंसानों का मांस खा जाया करता था। यहां तक कि उसके फ्रिज में लोगों के कटे हुए सिर अन्य अंग मिले थे। हालांकि इसकी कभी पुष्टि नहीं हुई। इसने गद्दाफी के कहने पर युगांडा में रहने वाले 80 हजार एशियाई नागरिकों को देश छोड़ने के लिए कह दिया था और उनकी संपत्ति हड़प ली थी। जिसकी वजह से भारत ने युगांडा के साथ अपने संबंध खत्म कर लिए थे। इसी घटना के बाद उसके कार्यकाल का अंत हुआ। जब अमीन को राजगद्दी हासिल हुई थी तो उसने चार यूरोपियन नागरिकों के कंधे पर अपनी सवारी करवाई थी। और कहा था कि पहले हम इन्हें ढोते थे अब ये हमें ढोएंगे।
किम जोंग इल
किम जोंग इल के सनकीपन के कई किस्से दुनिया के सामने आ चुके हैं। उत्तर कोरिया की जनता पर अत्याचार करने वाले इस सनकी तानाशाह के पिता, किम जोंग इल अपने बेटे से भी बड़ा क्रूर तानाशाह रहा। इल को हॉलीवुड की फिल्मों का काफी शौक था। उसके शासन काल में सभी देशों में मौजूद उत्तर कोरिया के राजनायिकों को आदेश थे कि वो हॉलीवुड फिल्मों की कॉपी अपने पास रखें। इस तरह उसके पास 20 हजार से ज्यादा फिल्मों का कलेक्शन हो गया था। अपने देश की फिल्म इंडस्ट्री से किम जोंग इल बहुत नाराज था, वो चाहता था कि उसके यहां ऐसी फिल्में बनें जो पूरी दुनिया में मशहूर हो लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। आखिर में उसने 1978 में साउथ कोरिया के डायरेक्टर सिन सांग आउक, चोई उन हुन को अगवा कर लिया और अपने यहां फिल्में बनवानी शुरू की। दोनों पति पत्नी ने मिलकर 8 साल तक काम किया और कई फिल्में बनाई लेकिन कोई भी फिल्म कामयाब नहीं हो पाई। जिसके बाद किसी तरह वो अपनी जान बचाकर भागने में कामयाब रहे और किम जोंग इल की सच्चाई पूरी दुनिया को बताई। किम जोंग इल की एक और खराब आदत थी, उसे जवान दिखने का शौक था। इसके लिए वो 20-22 साल के लड़के लड़कियों का खून चढ़वाया करता था।
मुअम्मर गद्दाफी
सपरमुरात नियाजोव
तुर्कमेनिस्तान के भूतपूर्व राष्ट्रपति सपरमुरात नियोजव खुद को ऐसे मानता था जैसे हॉलीवुड फिल्म 'डिक्टेटर' में दिखाया गया था। इसने अपना नाम तुर्कमैन बाशी रख लिया था। इस तानाशाह ने अपनी खुद की 15 मीटर ऊंची सोने की परत चढ़ी मूर्ति बनवा ली थी जिसका मुंह सूरज की तरफ घूमता रहता था। ये वो दौर था जब तुर्कमेनिस्तान भयंकर गरीबी की मार झेल रहा था लेकिन सपरमुरात को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। इस सिरफिरे तानाशाह ने अपनी राजधानी में एक बर्फ का महल बनवाया और रेत के रेगिस्तान के बीचो बीच एक झील बनाने का फरमान सुना दिया। सपरमुरात पूरे तुर्केमेनिस्तान को अपनी जागीर समझता था। पूरे देश में उसके नाम के पार्क, महल और शहर मिल जाएंगे। और तो और उसने सिक्कों पर अपने नाम गुदवा दिए। शराब की बोतलों को अपना नाम दे दिया। यहां तक की जनवरी महीने का नाम बदलकर भी अपने नाम पर कर दिया था। हद तो तब हो गई जब नियाजोव ने अपने नाम से एक किताब लिखी, उसके बच्चों को पढ़ना अनिवार्य कर दिया। और कुछ कॉपियां अंतरिक्ष में भी भेज दी ताकि अंतरिक्षवासियों को पता चले कि धरती पर सपरमुरात नियाजोव नाम का कोई महान शख्स रहता है।
इदी अमीन
युगांडा का तानाशाह इदी आमी को क्रूर तानाशाह के रूप में याद किया जाता है। इस शख्स ने अपने पूरे शासनकाल में 6 लाख लोगों को मौत के घाट उतार दिया। ये शख्स इतना क्रूर था कि ये इंसानों का मांस खा जाया करता था। यहां तक कि उसके फ्रिज में लोगों के कटे हुए सिर अन्य अंग मिले थे। हालांकि इसकी कभी पुष्टि नहीं हुई। इसने गद्दाफी के कहने पर युगांडा में रहने वाले 80 हजार एशियाई नागरिकों को देश छोड़ने के लिए कह दिया था और उनकी संपत्ति हड़प ली थी। जिसकी वजह से भारत ने युगांडा के साथ अपने संबंध खत्म कर लिए थे। इसी घटना के बाद उसके कार्यकाल का अंत हुआ। जब अमीन को राजगद्दी हासिल हुई थी तो उसने चार यूरोपियन नागरिकों के कंधे पर अपनी सवारी करवाई थी। और कहा था कि पहले हम इन्हें ढोते थे अब ये हमें ढोएंगे।





