कुर्सियांग, दार्जलिंग



कुर्स‌ियांग दार्जल‌िंग का एक ह‌िल स्टेशन है। इसकी ऊंचाई 1482.54 मीटर है। अंग्रेजी में 'कर्स' का मतलब होता है शाप। इसी वजह से इस जगह नाम पड़ा है कुर्सियांग यानी शापित जगह। यह बात यहां के डाउ हिल जाकर पता चलता है। जहां के बारे में कहा जाता है कि यहां के जंगल में एक सिर कटा आदमी घूमता है। डाउ हिल के अलावा यहां के कुछ और भी स्थान है जिन्हें हॉन्टेड माना जाता है।  स्थानीय लोगों के अनुसार रात के समय डाउ ह‌िल के जंगलों में जाना मौत को दावत देना है।

भानगढ़ का किला, राजस्थान 


राजस्थान के अलवर जिले में स्थित भानगढ़ का किला एशिया की सबसे डरावनी जगहों में से एक है। इस किले को कुछ लोग प्रेत बाधित तो कुछ तांत्रिक द्वारा शापित मानते हैं। यह किला वर्षों से एक रहस्य है। भारत सरकार के पुरातत्व विभाग का आदेश है कि यहां शाम 6 बजे के बाद किसी को रुकने न दिया जाए। इसका वजह क्या है यह तो नहीं कहा जा सकता है लेकिन कहते हैं यहां रात के समय रुकमा जाना खतरे से खाली नहीं है।

रूपकुंड, उत्तराखंड 



रूपकुंड झील हिमालय के ग्लेशियरों के गर्मियों में पिघलने से उत्तराखंड के पहाड़ों मैं बनने वाली छोटी सी झील हैं। यह झील 5029 मीटर की ऊचाई पर स्थित हैं , जिसके चारो और ऊचे-ऊचे बर्फ के ग्लेशियर हैं। यहाँ पहुचने का रास्ता बेहद दुर्गम हैं इसलिए यह जगह ट्रैकिंग करने वालों कि पसंदीदा जगह हैं। यहां हर तरफ आपको नर कंकाल दिख जाएगा। इन नर कंकालों का क्या रहस्य है यह कोई नहीं जानता। कुछ इसे प्राकृतिक आपदा मानते हैं। लेकिन रहस्य अब भी बरकरार है। यहां रात तो क्या दिन में जाना भी खतरनाक है।

निधिवन, मथुरा 


धार्मिक नगरी वृन्दावन में निधिवन एक पवित्र और रहस्यमयी जगह है। कहते हैं यहां पर आज भी भगवान श्रीकृष्ण और देवी राधा गोपियों संग रास रचाते हैं। लगभग दो ढ़ाई एकड़ के क्षेत्रफल में फैले निधिवन के वृक्षों की खासियत यह है कि इनमें से किसी भी वृक्ष के तने सीधे नहीं है और इन वृक्षों की डालियां नीचे की ओर झुकी तथा आपस में जुडी हुई दिखती हैं। शाम ढ़लते ही इस वन का दरवाजा बंद कर दिया जाता है। पशु पक्षी भी वन से चले जाते हैं। आस-पास के लोगों का कहना है कि जो भी इस वन में रात के समय रह जाता है उसकी मृत्यु हो जाती है।

कुलधारा, जैसलमेर 



जैसलमेर से करीब 18 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है शापित गांव कुलधारा जो 1825 से वीरान पड़ा है। कहते हैं कि पालीवाल ब्राह्मणों ने इस गांव को शाप दिया है कि यह कभी दुबारा बस नहीं पाएगा। तब से यह गांव वीरान पड़ा हुआ है। आस-पास के इलाके में रहने वाले लोग बताते हैं कि यहां रात में डरावने और अजीबोगरीब  आवाजें आती हैं। इसलिए इस गांव में रात के समय कोई नहीं जाता।