'यदि आप कभी किसी अच्छे काम की आलोचना नहीं झेल सकते तो आप कभी कोई काम मत कीजिये यदि आप जिद्दी नहीं है, तो आप जल्दी हार मान जायेंगे' यह दुनिया के सबसे अमीर आदमी Jeff Bezos का कहना है। दोस्तों आज के इस पोस्ट में जानेंगे दुनिया के सबसे अमीर आदमी जेफ बेज़ोस (Jeff Bezos ) के सफलता के सफ़र के बारे में।
Amazon एक ऐसा नाम है जिससे अब कोई भी अनजान नहीं रहा है। आज से लगभग 20 साल पहले लौंच हुयी E-commerce वेबसाइट, आज दुनिया की सबसे बड़ी online रिटेलर कंपनी का जलवा भारत में छा गया है।
Jeff Bezos का जन्म 12 जुलाई 1964 को यूनाइटेड स्टेट्स के न्यू मक्सिको शहर में हुआ था उनको जन्म देने वाली उनकी माँ जेकलीन उस समय 17 साल की नाबालिग युवती थी और जेफ़ जब 3 साल के थे तब उनके पिता उनकी माँ और जेफ़ को अकेले छोड़कर चले गए थे। जब जेफ़ चलना भी नहीं जानते थे तब वे स्क्रू ड्राईवर लेकर अपने पालने को खोलने की कोशिश करते थे। उनकी माँ ने Miguel Bezos से शादी की और जेफ़ अपने सोतेले पिता की देखरेख में पले-बढ़े।
जब Jeff थोड़े बड़े हुए तो उनका इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स में इंटरेस्ट हुआ। बचपन में उनके सोतेले भाई उनके कमरे में बिना बताये ना घुसे इसके लिए उन्होंने एक इलेक्ट्रॉनिक अलार्म बनाया था।
जब Jeff 4th क्लास में थे तब उनकी स्कूल में पहला कंप्यूटर आया था। तब टीचर्स को भी कंप्यूटर चलाना नहीं आता था। तब Jeff ने अपने दोस्तों की मदद से कंप्यूटर का मैन्युअल पढ़कर कंप्यूटर चलाना सिख लिया।
उनके इसी टैलेंट की वजह से यूनिवर्सिटी ऑफ़ फ्लोरिडा की तरफ से उन्हें सिल्वर नाईट का अवार्ड और स्कालरशिप मिली और उन्होंने प्रिन्सटन यूनिवर्सिटी से बेचलर ऑफ़ साइंस और कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की।
कॉलेज से स्नातक होने के बाद 1986 में वाल स्ट्रीट नेव्योर्क में उन्हें कंप्यूटर साइंस फील्ड में एक बड़ी नौकरी मिल गयी। Jeff को किताबो से बहुत लगाव था और वो हमेशा कुछ ना कुछ पढ़ते रहते थे।
अप्रैल 1994 में एक दिन नेट सर्फिंग के दौरान उन्हें पता चला कि वेब users की संख्या हर साल 2300 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। पलक झपकते ही उनके मन में आईडिया आया कि क्यों न online बिज़नेस किया जाये। अपने आईडिया को साकार करने के लिए उन्होंने अपनी अच्छी खासी नौकरी छोड़ दी, यक़ीनन ये जोखिम भरा फैसला था।
खासतौर पर तब जब उनकी नयी-नयी शादी हुयी थी अब सवाल ये था कि नेट पर बेचा क्या जाये, बहुत सोचने के बाद उन्हें आईडिया आया ऑनलाइन बुक selling का।
उन्होंने 1994 में अपनी online कंपनी की स्थापना की और 1996 में इसकी शुरुआत की जेफ्फ पहले इसका नाम Cadbara.com रखना चाहते थे लेकिन 3 महीने बाद उन्होंने इसका नाम बदलकर amazon.com रखा उन्होंने इसका नाम A लैटर से इसलिए रखा ताकि इन्टरनेट सर्च अल्फाबेटिकल आर्डर में ये जल्दी आये।
उन्होंने संसार की सबसे बड़ी नदी अमेज़न का नाम इसलिए चुना क्योकि वो अपनी कंपनी को दुनिया की सबसे बड़ी online बुक selling कंपनी बनाना चाहते थे। उनकी वेबसाइट online बुक स्टोर के तौर पर शुरू हुयी थी लेकिन बाद में DVD,Software,इलेक्ट्रॉनिक्स और दुसरे सामान बेचने लगी।
Jeff ने अपनी कम्पनी की शुरुआत अपने घर के गैराज से की थी जहा सिर्फ 3 कंप्यूटर और 3 कर्मचारी थे online बिक्री का सॉफ्टवेर खुद Jeff ने बनाया था और 3 लाख डॉलर की शुरूआती इन्वेस्टमेंट उनके माता-पिता ने लगायी थी। कंपनी की स्थापना के वक़्त जेफ़ के पिता ने उनसे ये सवाल पुछा था कि इन्टरनेट क्या होता है ?
तब उनकी माँ ने जवाब दिया कि हम इन्टरनेट पर दाव नहीं लगा रहे है हम तो अपने बेटे जेफ़ पर दाव लगा रहे है। माता-पिता का यह विश्वास सत प्रतिशत सही साबित हुआ और अमेज़न की 6 प्रतिशत शेयर के मालिक होने के कारण उनके माता-पिता अरबपति बन गये। 16 जुलाई 1995 से जेफ़ ने अपनी वेबसाइट पर पुस्तके बेचना शुरू किया।
पहले ही महीने अमेज़न ने अमेरिका के 50 राज्यों और 45 अन्य देशो में अपनी सारी पुस्तके बेच डाली। लेकिन यह काम आसान नहीं था। ज़मीन पर घुटनो के बल बैठकर किताबो को पैक करना पड़ता था और पार्सल देने के लिए खुद Jeff को भी जाना पड़ता था।
पुस्तकों की पैकिंग करते समय एक दिन Jeff ने अपने साथियो से पूछा कि तुम्हे पता है इस काम को आसान बनाने के और क्या करना चाहिए , तब साथी ने जवाब दिया कि हमे घुटनों के निचे तकिया रख लेना चाहिए, तब जेफ़ हँस पड़े और अगले ही दिन उन्होंने कुछ टेबले खरीदी ताकि उन टेबलो पर किताबो की पैकिंग की जा सके। जेफ़ की मेहनत रंग लायी और सितम्बर तक हर हफ्ते 20 हज़ार डॉलर की कमाई होने लगी।
2007 तक अमेज़न online बिक्री का जाना माना ब्रांड बन चुका था, लेकिन कंपनी का टर्निंग पॉइंट तब आया जब 2007 में अमेज़न kindle ई-बुक बाज़ार में उतरा जिसके माध्यम से पुस्तकों को तुरंत डाउनलोड करके पढ़ा जा सकता है।
नवम्बर 2007 में kindle मार्केट में उतरने के 6 घंटे के अन्दर ही kindle का सारा स्टॉक बिक गया और अगले 5 महीने तक आउट ऑफ़ स्टॉक रहा kindle रीडर की वजह से ही अमेज़न ने अमेरिका की 95 प्रतिशत इ-बुक कॉमर्स पर कब्ज़ा कर लिया।
Kindle अमेज़न के लिए बहुत ही फायदेमंद साबित हुआ क्योंकि इस से पुस्तकों की शौपिंग की झन्झट नहीं थी और खर्चा भी बचा और स्थायी ग्राहक भी बन गये।
आखिर ऐसा क्या हुआ की 3 कर्मचारियों से शुरू हुयी कम्पनी में आज 3 लाख से ज्यादा कर्मचारी काम कर रहे है और Jeff Bezos बिल गेट्स को पीछे छोड़कर दुनिया के सबसे अमीर आदमी बन चुके है।
Jeff कहते है कि यदि आप longterm future के बारे में सोचे तो जीवन में अच्छे निर्णय ले सकते है, जिससे बाद में आपको अफ़सोस नहीं होगा। जेफ़ ने हमेशा longterm future और मिनिमम पश्चाताप की निति पर बिज़नस का निर्णय लिया।
उन्होंने सोचा था कि 60 साल की उम्र में नौकरी छोड़ने का अफ़सोस तो नहीं होगा, लेकिन वो ये बात अछी तरह से जानते थे कि कोशिश ना करने का अफ़सोस हमेशा रहेगा। इसलिए उन्होंने कोशिश की और सफलता की शिखर तक पहुच गये। दुनिया के सबसे अमीर आदमी बन पाए।
नया काम सफल होने का सबसे आसान तरीका है। जेफ़ की सफलता का मूल मन्त्र भी यही है कि उन्होंने पुस्तकों की online selling का काम शुरू किया। उन्होंने अपनी वेबसाइट Amazon.com पर कई नयी विषेताये जोड़ी जैसे - one click shopping, Customer Review, Email ID Verification आदि।
Jeff ने जब अमेज़न शुरू किया था तब उनके पास मार्केटिंग का बजट नहीं था इसलिए advertisement देने का कोई सवाल ही नहीं था। बाद में उन्होंने सोचा कि सबसे अच्छा advertisement यही है कि कस्टमर अपने friends और relatives के सामने अमेज़न की तारीफ़ करे।
जेफ़ कस्टमर्स को एक बेहतरीन अनुभव देते थे। जेफ़ ने अपने प्रोडक्ट और सर्विसेज को इतना बेहतर बनाया कि कस्टमर्स खुद उनकी तारीफ और प्रचार करने लगे।
Image credit:google.com

Jeff Bezos का जन्म 12 जुलाई 1964 को यूनाइटेड स्टेट्स के न्यू मक्सिको शहर में हुआ था उनको जन्म देने वाली उनकी माँ जेकलीन उस समय 17 साल की नाबालिग युवती थी और जेफ़ जब 3 साल के थे तब उनके पिता उनकी माँ और जेफ़ को अकेले छोड़कर चले गए थे। जब जेफ़ चलना भी नहीं जानते थे तब वे स्क्रू ड्राईवर लेकर अपने पालने को खोलने की कोशिश करते थे। उनकी माँ ने Miguel Bezos से शादी की और जेफ़ अपने सोतेले पिता की देखरेख में पले-बढ़े।

जब Jeff 4th क्लास में थे तब उनकी स्कूल में पहला कंप्यूटर आया था। तब टीचर्स को भी कंप्यूटर चलाना नहीं आता था। तब Jeff ने अपने दोस्तों की मदद से कंप्यूटर का मैन्युअल पढ़कर कंप्यूटर चलाना सिख लिया।
उनके इसी टैलेंट की वजह से यूनिवर्सिटी ऑफ़ फ्लोरिडा की तरफ से उन्हें सिल्वर नाईट का अवार्ड और स्कालरशिप मिली और उन्होंने प्रिन्सटन यूनिवर्सिटी से बेचलर ऑफ़ साइंस और कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की।
कॉलेज से स्नातक होने के बाद 1986 में वाल स्ट्रीट नेव्योर्क में उन्हें कंप्यूटर साइंस फील्ड में एक बड़ी नौकरी मिल गयी। Jeff को किताबो से बहुत लगाव था और वो हमेशा कुछ ना कुछ पढ़ते रहते थे।

खासतौर पर तब जब उनकी नयी-नयी शादी हुयी थी अब सवाल ये था कि नेट पर बेचा क्या जाये, बहुत सोचने के बाद उन्हें आईडिया आया ऑनलाइन बुक selling का।
उन्होंने 1994 में अपनी online कंपनी की स्थापना की और 1996 में इसकी शुरुआत की जेफ्फ पहले इसका नाम Cadbara.com रखना चाहते थे लेकिन 3 महीने बाद उन्होंने इसका नाम बदलकर amazon.com रखा उन्होंने इसका नाम A लैटर से इसलिए रखा ताकि इन्टरनेट सर्च अल्फाबेटिकल आर्डर में ये जल्दी आये।
उन्होंने संसार की सबसे बड़ी नदी अमेज़न का नाम इसलिए चुना क्योकि वो अपनी कंपनी को दुनिया की सबसे बड़ी online बुक selling कंपनी बनाना चाहते थे। उनकी वेबसाइट online बुक स्टोर के तौर पर शुरू हुयी थी लेकिन बाद में DVD,Software,इलेक्ट्रॉनिक्स और दुसरे सामान बेचने लगी।

तब उनकी माँ ने जवाब दिया कि हम इन्टरनेट पर दाव नहीं लगा रहे है हम तो अपने बेटे जेफ़ पर दाव लगा रहे है। माता-पिता का यह विश्वास सत प्रतिशत सही साबित हुआ और अमेज़न की 6 प्रतिशत शेयर के मालिक होने के कारण उनके माता-पिता अरबपति बन गये। 16 जुलाई 1995 से जेफ़ ने अपनी वेबसाइट पर पुस्तके बेचना शुरू किया।
पहले ही महीने अमेज़न ने अमेरिका के 50 राज्यों और 45 अन्य देशो में अपनी सारी पुस्तके बेच डाली। लेकिन यह काम आसान नहीं था। ज़मीन पर घुटनो के बल बैठकर किताबो को पैक करना पड़ता था और पार्सल देने के लिए खुद Jeff को भी जाना पड़ता था।
पुस्तकों की पैकिंग करते समय एक दिन Jeff ने अपने साथियो से पूछा कि तुम्हे पता है इस काम को आसान बनाने के और क्या करना चाहिए , तब साथी ने जवाब दिया कि हमे घुटनों के निचे तकिया रख लेना चाहिए, तब जेफ़ हँस पड़े और अगले ही दिन उन्होंने कुछ टेबले खरीदी ताकि उन टेबलो पर किताबो की पैकिंग की जा सके। जेफ़ की मेहनत रंग लायी और सितम्बर तक हर हफ्ते 20 हज़ार डॉलर की कमाई होने लगी।
2007 तक अमेज़न online बिक्री का जाना माना ब्रांड बन चुका था, लेकिन कंपनी का टर्निंग पॉइंट तब आया जब 2007 में अमेज़न kindle ई-बुक बाज़ार में उतरा जिसके माध्यम से पुस्तकों को तुरंत डाउनलोड करके पढ़ा जा सकता है।
नवम्बर 2007 में kindle मार्केट में उतरने के 6 घंटे के अन्दर ही kindle का सारा स्टॉक बिक गया और अगले 5 महीने तक आउट ऑफ़ स्टॉक रहा kindle रीडर की वजह से ही अमेज़न ने अमेरिका की 95 प्रतिशत इ-बुक कॉमर्स पर कब्ज़ा कर लिया।

आखिर ऐसा क्या हुआ की 3 कर्मचारियों से शुरू हुयी कम्पनी में आज 3 लाख से ज्यादा कर्मचारी काम कर रहे है और Jeff Bezos बिल गेट्स को पीछे छोड़कर दुनिया के सबसे अमीर आदमी बन चुके है।
Jeff कहते है कि यदि आप longterm future के बारे में सोचे तो जीवन में अच्छे निर्णय ले सकते है, जिससे बाद में आपको अफ़सोस नहीं होगा। जेफ़ ने हमेशा longterm future और मिनिमम पश्चाताप की निति पर बिज़नस का निर्णय लिया।
उन्होंने सोचा था कि 60 साल की उम्र में नौकरी छोड़ने का अफ़सोस तो नहीं होगा, लेकिन वो ये बात अछी तरह से जानते थे कि कोशिश ना करने का अफ़सोस हमेशा रहेगा। इसलिए उन्होंने कोशिश की और सफलता की शिखर तक पहुच गये। दुनिया के सबसे अमीर आदमी बन पाए।
नया काम सफल होने का सबसे आसान तरीका है। जेफ़ की सफलता का मूल मन्त्र भी यही है कि उन्होंने पुस्तकों की online selling का काम शुरू किया। उन्होंने अपनी वेबसाइट Amazon.com पर कई नयी विषेताये जोड़ी जैसे - one click shopping, Customer Review, Email ID Verification आदि।
Jeff ने जब अमेज़न शुरू किया था तब उनके पास मार्केटिंग का बजट नहीं था इसलिए advertisement देने का कोई सवाल ही नहीं था। बाद में उन्होंने सोचा कि सबसे अच्छा advertisement यही है कि कस्टमर अपने friends और relatives के सामने अमेज़न की तारीफ़ करे।
जेफ़ कस्टमर्स को एक बेहतरीन अनुभव देते थे। जेफ़ ने अपने प्रोडक्ट और सर्विसेज को इतना बेहतर बनाया कि कस्टमर्स खुद उनकी तारीफ और प्रचार करने लगे।
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